भारतीय साहित्य और हिंदी भाषा को समृद्ध करने वाले मूर्धन्य रचनाकारों को सम्मानित करने के लिए कई राष्ट्रीय व प्रतिष्ठित पुरस्कार दिए जाते हैं।
1. ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award)
- महत्व: भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान।
- विशेषता: यह संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल 22 भारतीय भाषाओं और अंग्रेजी में असाधारण योगदान के लिए दिया जाता है। इसमें 11 लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र और देवी वाग्देवी (सरस्वती) की कांस्य प्रतिमा भेंट की जाती है।
- हिंदी के प्रथम विजेता: सुमित्रानंदन पंत (1968 में ‘चिदंबरा’ काव्य संग्रह के लिए)।
2. साहित्य अकादमी पुरस्कार (Sahitya Akademi Award)
- महत्व: 1954 से प्रतिवर्ष दिया जाने वाला देश का दूसरा सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान।
- विशेषता: यह 24 भारतीय भाषाओं (22 संवैधानिक + अंग्रेजी और राजस्थानी) में पिछले वर्षों की उत्कृष्ट कृति को दिया जाता है।
- हिंदी के प्रथम विजेता: माखनलाल चतुर्वेदी (1955 में ‘हिम तरंगिणी’ के लिए)।
3. व्यास सम्मान (Vyas Samman)
- महत्व: के.के. बिड़ला फाउंडेशन द्वारा 1991 से दिया जाने वाला अत्यंत प्रतिष्ठित पुरस्कार।
- विशेषता: यह केवल हिंदी भाषा की किसी साहित्यिक कृति के लिए ही दिया जाता है, जो पिछले 10 वर्षों में प्रकाशित हुई हो।
- प्रथम विजेता: डाॅ. रामविलास शर्मा (1991 में ‘भारत के प्राचीन भाषा परिवार और हिंदी’ के लिए)।
