इश्क़ करना किताबों से

तुम इश्क़ करना और जरूर करना पर किताबों से।
इंसान से किये तो बर्बाद हो जाओगे।
किताब से किये तो आबाद हो जाओगे।

दिल ऐसे टूटेगा वीराना भी ना रहने देगा।
खुद खुदा हो जाएगा, तुझे इंसान भी ना रहने देगा
तुम इश्क़ करना और जरूर करना पर किताबों से।

बस अपना कर्तव्य करो और समाजिक रिश्ते निभाओ।
मग़र जैसे हो अपने लिये जिओ।
जिंदगी भर कोई साथ नहीं देता, ज्ञान के शिवा
तुम इश्क़ करना और जरूर करना पर किताबों से।

मिलेगी मंजिल जरूर आज नहीं तो कल।
किताबें ही वो किरण है जो बदलेगी सब का नज़रिया।
हिसाब का कच्चा होना जिंदगी में दगा दे जाएगा
कोई ज़रा सा क्या चाहेगा, खुद को तू पुरा दे जायेगा।
तुम इश्क़ करना और जरूर करना पर किताबों से।

कभी पुस्तक से प्यार कर के तो देखो तेरा उजरा
संसार रोशन कर जायेगा। इतिहास गवाह है प्यार
में न जाने कितनों को बर्बाद करगया है।
तो तुम इश्क़ करना और जरुर करना पर किताबों से।

कामयाबी और प्यार दोनो में पागलपन एक जुनून
होता है जिंदगी एक मौका जरूर देती है।
एक फैसला जो आपकी जिंदगी बदल दे,
तुम इश्क़ करना और जरूर करना पर किताबों से।

गलतियां जीवन का हिस्सा है स्वीकार करने का
साहस बहुत कम लोगो में होता है।
सफल बनेगा ज्यो ही तू सब यू ही मिल जायेगा,
तो बस तुम इश्क़ करना और जरूर करना पर किताबों से।

~ पुजा साह

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *