COVID19कविताएं पलायन करते मजदूर HBIADMIN22 मई 2020 कितना कुछ कहते रहे, मजदूरों के पाँव। तपती जीवन रेत में, कहाँ मिली है छाँव।।… Read More
COVID19कविताएं मैं मजदूर HBIADMIN22 मई 2020 मैं मजदूर फौलादी इरादों वाला चुटकियों में मसल देता भारी से भारी पत्थर चूर-चूर कर… Read More
कविताएं साकेत हिन्द लिखित कुछ दोहे HBIADMIN30 जून 2019 दिखावा बहुत हो चुका, बढ़ गया ताम-झाम।।सत्य पुरुष तो हैं अब, सदा भरोसे राम।। अधम… Read More