कविताएं जन्नत का दूसरा नाम “मां” है HBIADMIN10 मई 2020 या खुदा!मुझे सुख नहीं चाहिए!दुख नहीं चाहिए!मुझे जगत का चर अचर नहीं चाहिए!मुझे गगन तारे… Read More