अमिताभ बच्चन कृत काव्य पंक्तियाँ

जी हाँ हुजूर मैं काम करता हूँ
मैं सुबह शाम काम करता हूँ
मैं रात बा रात काम करता हूँ
मैं रातों रात काम करता हूँ॥

~ साभार: Twitter/@SrBachchan (T2911)

बेटियाँ

ये गर्व है मेरा, बेटी बेटियाँ जब उभर कर आती हैं,
अपने दम पर कुछ करके हमें दिखाती हैं,
मोतियों से पिरोयी हुई ये माला; ऐसे करना,
गहना अनमोल है, इसे सुरक्षित रखना।

~ साभार: Twitter/@SrBachchan (T2118)

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