चल रहा युद्ध अब
बिछ रही लाशे
शत्रु अदृश्य है
थम रही साँसे।

न बम है न बारूद
खौप है मन में
अमेरिका का भी पस्त है
इटली त्रस्त है
चीन अभी मस्त है
भारत दृढ़ है
चल रहा युद्ध अब
बिछ रही लाशे।

~ सतीश कुमार माहतो

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