मौत के दरवाजे पर खड़ा हूँ

मेरी ऐसी स्थिति नहीं
कि अभी मैं मारा जाऊँ
और न मेरी मौत आई है
मैं बिल्कुल स्वस्थ हूँ
पर मैं मौत के दरवाजे पर खड़ा हूँ।

अपने लिए नहीं, और न केवल
अपने परिवार के लिए
बल्की अपने देश के लिए,
अपने देशवासियों के लिए,
क्योंकि देश का हर व्यक्ति
हमारे परिवार का सदस्य है
उनके जीवन की रक्षा के लिए
मैं मौत के दरवाजे पर खड़ा हूँ।

क्योंकि मैं डॉक्टर हूँ, नर्स हूँ,
स्वास्थ विभाग से जुड़ा हूँ
या पूलिस हूँ, फौजी हूँ,
देश का रक्षक हूँ।

~ सतीश कुमार माहतो

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *