COVID19कविताएं गाँव की याद HBIADMIN9 अप्रैल 2020 छोड़ वे गांव की गलियां शहर निकल गये खौफ से भरे शहर उन्हे निगल गये विस्तार नही जीवन का जो कहते थे कल फिर याद आयी अम्मा कि रोटी, कच्ची सड़के, कच्चे घर, बरगद कि छाव, आम के पेड़ तरस रहे गांव आने को वे सब आज-कल। ~ प्रिंस
कोरोना रूपी राक्षस 26 अप्रैल 2020 हवाओ में भी विष घुल गया।संकटो में भी देश पहुंच गया।कोरोना रूपी राक्षस भी।मानव जाति…
खुदा से पूछता हूं 10 अप्रैल 2020 खुदा से पूछता हूं यह सब क्या माजरा कहे जाते हो तुम करुणासागर पर लोगों…