मेरा परिवार सुखी परिवार
हे प्रभु तेरा करूँ मै आभार
अशांति की जगह पले प्यार
हर पल चले प्रेम की वयार

मेरा परिवार मेरी आन
सदा करूँ मैं इस पर मान
मेरा गरूर और मेरी शान
खुशियों की करवाता पहचान

मेरा परिवार एकजुट
संकट मे भी रहे अटूट
सब स्वतंत्र और बोलने की छूट
कभी नहीं पनपते गुट

मेरा परिवार मेरी आस
मूझे इस पर अटूट विश्वास
मिलजुल कर संकट सुलझाए
सदा रहता मेरे दिल के पास

हे भगवान हम पर कृपा बनाए रखना
यही है मेरी चाहत और कामना

~ अशोक शर्मा वशिष्ठ

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