COVID19कविताएं कमजोर न समझो HBIADMIN25 मई 2020 इतना कमजोर नही समझो की सिर पैर सवारी हो जाए अनुशासन इतना मत लांघो की दुश्मन भारी हो जाए भूखे भी है प्यासें भी है बेबस है लाचार भी है पर इनको इतना मत रोको की ये मजदूर भी ब़ागी हो जाए ~ अमित अनमोल
काश! मानव समझ सकते 26 अप्रैल 2020 आज सारा देश, कोरोना के कारण है, ख़ामोश। सहम सा गया है, प्रत्येक मानव का…
इस दौर की बातें 29 मार्च 2020 संदिग्ध है ये वायरस, मचा रक्खा इसने कोहराम, दीन दुखियों की देह पर बरसाये कोड़े…