महीना: मई 2020
वक़्त सुखवाला भी आएगा
आज अगर अंधेरा है, निश्चय उजाला भी आएगा। दुःख की बादशाहत सदा न रहेगी, वक्त…
मजदूरों की करुणव्यथा
देख उन्हें सड़कों पर, मैं व्यथित हो जाती हुं, दशा देखकर उनकी ऐसी, मैं लाचार…
आँखों में तो बस गाँव है
हाथों में सामान थामे कंधों पे बच्चे साधे बीवी को साथ में ले निकल पड़ा…
