पृथ्वी का मान बढ़ाते हैं

है पृथ्वी जीवन पृथ्वी माता
ये ही हमारी भाग्य विधाता

जन-जीवन शून्य बिन इसके
है ये ही हमारी जीवन दाता

ये है उद्‌गम ये ही अंत है
सारी ऋतुएं सह बसंत है

पृथ्वी है अनाज की दाता
पृथ्वी से ही हम जीवंत हैं

ये ही वृक्ष है, ये ही हवा है
इसके बिन बे-असर दवा है

पृथ्वी के बिन कोई नहीं है
पृथ्वी है तो ही जिन्दगी है

हैं इसी से खुशियां इसी से आँसू
इसकी बदौलत सूर्य और सुधासू

ये प्रकृति इन कोरोना के पलों
में भी जीने की आस दे रही है
इसकी सुरक्षा हमारा कर्तव्य है
क्युकी पृथ्वी भी साँस ले रही है

पृथ्वी ने ही तो सारे संसार को रचाया है
गोद लेकर… सबकी माँ का दर्जा पाया है

पर्यावरण संरक्षण करके
पृथ्वी का मान बढ़ाते हैं
पृथ्वी दिवस के अवसर
पर आओ वृक्ष लगाते हैं

~ अनुभव मिश्रा

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