COVID19कविताएं कमजोर न समझो HBIADMIN25 मई 2020 इतना कमजोर नही समझो की सिर पैर सवारी हो जाए अनुशासन इतना मत लांघो की दुश्मन भारी हो जाए भूखे भी है प्यासें भी है बेबस है लाचार भी है पर इनको इतना मत रोको की ये मजदूर भी ब़ागी हो जाए ~ अमित अनमोल
दीवारें नफरतों की गिरा दीजिए 14 अप्रैल 2020 दीवारें नफरतों की गिरा दीजिए, किसी रोते हुए को हसा दीजिए। जीना ना हो जाये…
भूख भुला देती है अक्सर 31 मार्च 2020 भूख भुला देती है अक्सर पैरों में पड़े उन क्षालों को नहीं रुक सके कदम…