हे भगवान अंतर्यामी

हे राम दूत चले आओ पवन की चाल
हरो जगत संकट रूप धरो विकराल
माँ अंजनी के पुत्र केसरी नंदन हनुमान
करत करत विनती हुए हम बेहाल
हे राम दूत चले आओ पवन की चाल

हे प्रभु सुमिरन करे दिन-रात तुम्हारा
पड़ी विपदा ध्यान करो प्रभु जी हमारा
रोग नाश सब हरो दूर करो जगत पीरा
हे अंजनी पुत्र हनुमत बल बीरा
संपूर्ण जग ऊपर बिछा दुखों का जाल
हे राम दूत चले आओ पवन की चाल

लाओ फिर से संजीवनी मूर्छित है संसार
हे प्रभु आकर देखो तुम मानव का हाल
हरो जगत संकट रूप धरो विकराल
हे राम दूत चले आओ पवन की चाल

~ महेश राठोर सोनू

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